ट्रेन में बुजुर्ग यात्री को आया हार्ट अटैक, इलाज से पहले हुई मौत,बिलासपुर–ओखा सुपरफास्ट एक्सप्रेस में कर रहे थे सफर…

ट्रेन में बुजुर्ग यात्री को आया हार्ट अटैक, इलाज से पहले हुई मौत,बिलासपुर–ओखा सुपरफास्ट एक्सप्रेस में कर रहे थे सफर…

बलौदा बाजार।रेल यात्रा के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से एक बुजुर्ग यात्री की मौत का मामला सामने आया है। बिलासपुर–ओखा सुपरफास्ट एक्सप्रेस में सफर कर रहे 65 वर्षीय यात्री को चलती ट्रेन में हार्ट अटैक आया, जिससे उनकी जान चली गई। घटना के बाद रेलवे और जीआरपी की तत्परता से ट्रेन को भाटापारा स्टेशन पर रुकवाया गया और यात्री को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

  • कोच में अचानक बिगड़ी तबीयत

प्राप्त जानकारी के अनुसार बिलासपुर–ओखा सुपरफास्ट एक्सप्रेस अपने निर्धारित मार्ग पर थी। इसी दौरान ट्रेन के कोच संख्या 20 की सीट नंबर 65 पर यात्रा कर रहे यात्री नरेंद्र तेजनी अचानक अचेत हो गए। सहयात्रियों ने जब देखा कि बुजुर्ग यात्री की कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है, तो उन्होंने तुरंत इसकी सूचना ट्रेन स्टाफ को दी।मिली जानकारी के अनुसार कुछ ही देर पहले नरेंद्र तेजनी सामान्य अवस्था में थे, लेकिन अचानक सीने में दर्द और बेचैनी के बाद वे सीट पर ही बेसुध हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ट्रेन में मौजूद स्टाफ ने कंट्रोल रूम को सूचना दी।

  • भाटापारा में रुकवाई गई ट्रेन

सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन ने त्वरित निर्णय लेते हुए सुपरफास्ट एक्सप्रेस को भाटापारा स्टेशन पर रुकवाया। स्टेशन पर पहले से ही रेलवे और जीआरपी की टीम सतर्क थी। ट्रेन के रुकते ही अचेत अवस्था में यात्री को नीचे उतारा गया और एंबुलेंस के माध्यम से तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान स्टेशन परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों की नजरें बुजुर्ग यात्री पर टिकी हुई थीं, सभी को उम्मीद थी कि शायद उनकी जान बचाई जा सके।

  • डॉक्टर ने की मौत की पुष्टि

अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच की और बताया कि यात्री की मौत हार्ट अटैक से हो चुकी है। डॉक्टरों के अनुसार अस्पताल लाने से पहले ही उनकी मृत्यु हो चुकी थी। इस खबर के बाद स्टेशन और ट्रेन में मौजूद लोगों में शोक का माहौल छा गया। मृतक की पहचान 65 वर्षीय नरेंद्र तेजनी के रूप में की गई है। हालांकि प्रारंभिक जानकारी में यह सामने आया है कि वे अपने निजी काम से यात्रा कर रहे थे, लेकिन उनके परिवार और गंतव्य को लेकर विस्तृत जानकारी परिजनों के पहुंचने के बाद ही स्पष्ट हो सकी।

  • जीआरपी ने निभाई औपचारिक प्रक्रिया

घटना की सूचना मिलने पर भाटापारा जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। शव का पंचनामा तैयार किया गया और परिजनों को सूचना दी गई। सभी औपचारिकताओं के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया। जीआरपी अधिकारियों के अनुसार मामला प्राकृतिक मृत्यु का है और किसी तरह की संदिग्ध परिस्थिति सामने नहीं आई है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया परिजनों की सहमति और परिस्थितियों के अनुसार पूरी की गई।

  • यात्रियों में चिंता का माहौल

इस घटना के बाद ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों में कुछ देर के लिए चिंता और सन्नाटा पसरा रहा। कई यात्रियों ने कहा कि लंबी दूरी की यात्रा के दौरान बुजुर्ग यात्रियों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। वहीं कुछ यात्रियों ने ट्रेन में प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं और मेडिकल सहायता को और मजबूत करने की जरूरत बताई।

समय पर मदद, फिर भी नहीं बची जान

हालांकि रेलवे स्टाफ और प्रशासन ने समय पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रेन को रुकवाया और यात्री को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन हार्ट अटैक की गंभीरता के कारण उनकी जान नहीं बच सकी। यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि दिल से जुड़ी बीमारियां कितनी अचानक और जानलेवा साबित हो सकती हैं।

चलती ट्रेन में हुई इस दुखद घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। रेल यात्रा के दौरान अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने की स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता कितना जरूरी है, यह मामला उसी की ओर इशारा करता है। भाटापारा जीआरपी और रेलवे की तत्परता के बावजूद बुजुर्ग यात्री की मौत ने पूरे सफर को शोक में बदल दिया।

📍बलौदाबाजार से केशव साहू की  ग्राउंड रिपोर्ट

चंद्रकांत वर्मा, संपादक – ChhattisgarhTalk.com
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