छत्तीसगढ़ में पुलिस पर फिर दाग, थानेदार ने मांगी रिश्वत, ACB ने पकड़ा रंगे हाथ

रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए ASI मनोज मिश्रा – ACB टीम ने कोरबा में दी दबिश (Chhattisgarh Talk)
रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए ASI मनोज मिश्रा – ACB टीम ने कोरबा में दी दबिश (Chhattisgarh Talk)

कोरबा में बोलेरो मालिक से ₹50,000 रिश्वत मांगने वाले ASI मनोज मिश्रा को ACB ने ₹10,000 लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। प्रदेश में 7 महीने में यह पुलिस पर छठी ACB ट्रैप कार्रवाई है।


भूपेंद्र साहू, कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा ज़िले में आज सुबह की शुरुआत एक ज़बरदस्त कार्रवाई से हुई, जब हरदीबाजार थाना में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक मनोज मिश्रा को रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रंगे हाथ पकड़ लिया। जैसे ही यह खबर फैली, पूरे जिले में पुलिस महकमे के गलियारों में सनसनी फैल गई। मामला केवल ₹10,000 की रिश्वत का नहीं था, बल्कि उससे कहीं ज़्यादा गहराई में बसी भ्रष्टाचार की काली सच्चाई का खुलासा हुआ।

ASI मनोज मिश्रा रिश्वत: बोलेरो गाड़ी बना बहाना, और रिश्वत मांग ली 50 हज़ार की

पूरा मामला प्रार्थी पंचराम चौहान, निवासी केसला से शुरू होता है, जिनके पास एक बोलेरो वाहन है। कुछ दिन पहले रात के तकरीबन 1 बजे ASI मनोज मिश्रा अचानक उनके घर आ धमके। मिश्रा ने पंचराम पर आरोप लगाया कि उनकी बोलेरो गाड़ी डीजल चोरी में इस्तेमाल हो रही है। बातों-बातों में गाड़ी जब्त करने की धमकी देते हुए मिश्रा ने कहा, “गाड़ी थाने ले चलो, वरना बड़ी कार्यवाही होगी।”

पंचराम, जो इस अचानक कार्रवाई से पहले ही घबराया हुआ था, गाड़ी लेकर मिश्रा के साथ चल पड़ा। लेकिन रास्ते में मिश्रा ने अपना असली इरादा जाहिर किया — “अगर गाड़ी बचानी है तो ₹50,000 दो…”

गाड़ी जब्त, फिर लौटाई… लेकिन रिश्वत की डिमांड बरकरार

पंचराम के पास इतना पैसा नहीं था। उसने निवेदन किया कि वो ये राशि नहीं दे सकता। इसके जवाब में ASI मिश्रा ने गाड़ी अपने पास जब्त कर ली। हालांकि अगली सुबह गाड़ी वापस कर दी गई, लेकिन धमकी बरकरार थी – “पैसे का इंतजाम जल्दी करो वरना…”

पंचराम ने तय कर लिया कि वह भ्रष्टाचार के आगे नहीं झुकेगा। उसने सीधा रुख किया ACB बिलासपुर की ओर और पूरी कहानी को लिखित में सौंप दिया।

ACB ने रचा ट्रैप का प्लान, 10,000 की पहली किश्त बनी जाल

ACB ने मामले की जांच की और शिकायत को सही पाया। फिर बनाई गई एक ट्रैप योजना – पंचराम को रिश्वत की आंशिक राशि ₹10,000 के साथ मिश्रा के पास भेजा गया। जैसे ही मिश्रा ने थाना कोतवाली परिसर में पैसे लिए, ACB की टीम ने उसे रंगे हाथ धर-दबोचा। रिश्वत की पूरी रकम मौके पर बरामद कर ली गई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

अब लगेगा कानून का शिकंजा

मनोज मिश्रा पर अब भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है। ACB सूत्रों के अनुसार, जल्द ही आगे की जांच कर अन्य दोषियों की भी भूमिका की पड़ताल की जाएगी।

छत्तीसगढ़ पुलिस पर फिर एक दाग, 7 महीने में छठी गिरफ्तारी

इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली और जवाबदेही पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। ये प्रदेश में पिछले 7 महीनों में पुलिस अधिकारियों पर ACB की छठवीं ट्रैप कार्रवाई है, जो विभाग में गहरी जड़ें जमा चुके भ्रष्टाचार की पोल खोल रही है।

जनता बोली – ‘ACB ज़िंदाबाद’, सोशल मीडिया पर ट्रेंड बना ‘#RishwatKhorThaneDar’

जैसे ही खबर वायरल हुई, सोशल मीडिया पर लोग ASI की गिरफ्तारी पर अपनी प्रतिक्रियाएं देने लगे। “ACB जिंदाबाद” के नारे लगे, और ट्विटर पर #RishwatKhorThaneDar ट्रेंड करने लगा। आम लोगों ने पंचराम की हिम्मत की सराहना की और ACB की कार्रवाई को “कड़ा संदेश” करार दिया।


ये सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, जनता के विश्वास की जीत है।

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