पंडित चक्रपाणी स्कूल में शराबी शिक्षक के हंगामे के आरोप से बवाल, प्राचार्य के व्यवहार पर पत्रकारों का प्रदर्शन

पंडित चक्रपाणी स्कूल में शराबी शिक्षक के हंगामे के आरोप से बवाल, प्राचार्य के व्यवहार पर पत्रकारों का प्रदर्शन
पंडित चक्रपाणी स्कूल में शराबी शिक्षक के हंगामे के आरोप से बवाल, प्राचार्य के व्यवहार पर पत्रकारों का प्रदर्शन
पंडित चक्रपाणी स्कूल में शराबी शिक्षक के हंगामे के आरोप से बवाल, प्राचार्य के व्यवहार पर पत्रकारों का प्रदर्शन
छात्रों से कथित बदसलूकी के बाद मामला गरमाया, कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों से भी विवाद; शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक चला प्रदर्शन, शिक्षा विभाग ने प्राचार्य का प्रभार हटाने का दिया लिखित आश्वासन
बलौदाबाजार के पंडित चक्रपाणी शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में एक शिक्षक पर शराब के नशे में स्कूल पहुंचकर छात्र-छात्राओं से कथित तौर पर गाली-गलौज और दुर्व्यवहार करने के आरोप ने गुरुवार को तूल पकड़ लिया। मामला उस समय और गरमा गया, जब इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने और कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों के साथ स्कूल की प्रभारी प्राचार्य वंदनी श्रीवास्तव द्वारा कथित बदसलूकी किए जाने का आरोप सामने आया। इसके विरोध में पत्रकारों ने स्कूल परिसर के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन शाम करीब 4 बजे शुरू हुआ और रात करीब 8 बजे तक चलता रहा। इस दौरान पत्रकारों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के सामने अपनी आपत्ति रखी और पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की। मामले की जानकारी कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को भी दी गई। इसके बाद शिक्षा विभाग की ओर से लिखित आश्वासन दिया गया कि स्कूल की प्रभारी प्राचार्य वंदनी श्रीवास्तव को उनके प्रभार से हटाकर संस्था के वरिष्ठ व्याख्याता को प्रभार सौंपा जाएगा।

शराब के नशे में स्कूल पहुंचने का आरोप

मामला पंडित चक्रपाणी शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से जुड़ा है। स्कूल के शिक्षक नरेश तिवारी पर आरोप है कि वह शराब के नशे में स्कूल पहुंचे और छात्र-छात्राओं के साथ गाली-गलौज एवं दुर्व्यवहार किया। बताया जा रहा है कि शिक्षक के व्यवहार से परेशान विद्यार्थियों ने मामले की शिकायत स्कूल की प्रभारी प्राचार्य वंदनी श्रीवास्तव से की थी। आरोप है कि शिकायत के बावजूद विद्यार्थियों को अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। मामला कई दिनों से स्कूल के अंदर चर्चा में था और विद्यार्थियों में भी नाराजगी बनी हुई थी। गुरुवार को कुछ विद्यार्थी एक बार फिर अपनी शिकायत लेकर प्राचार्य के पास पहुंचे। इसी दौरान विवाद की स्थिति बनने की बात सामने आई। विद्यार्थियों का आरोप है कि वीडियो बनाए जाने को लेकर उनके साथ मारपीट की गई। इसके बाद छात्रों ने पूरे मामले की जानकारी मीडिया को दी। हालांकि शिक्षक पर लगाए गए शराब के नशे में स्कूल पहुंचने और विद्यार्थियों से दुर्व्यवहार के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। इस मामले में विभागीय जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

कवरेज करने पहुंचे पत्रकार, प्राचार्य से हुआ विवाद

विद्यार्थियों से मिली जानकारी के बाद पत्रकार दीपेंद्र शुक्ला, चंद्रकांत वर्मा और आशीष शुक्ला स्कूल पहुंचे। पत्रकारों का कहना है कि वे विद्यार्थियों की शिकायत और स्कूल में हुई घटना की जानकारी लेने तथा पूरे मामले की कवरेज करने पहुंचे थे। पत्रकारों के मुताबिक, कवरेज शुरू करने से पहले ही प्रभारी प्राचार्य के साथ विवाद की स्थिति बन गई। पत्रकारों ने प्राचार्य पर उनके साथ बदसलूकी किए जाने का आरोप लगाया। इस घटना से नाराज पत्रकारों ने मौके पर ही विरोध जताया। इसके बाद मामला केवल स्कूल के अंदर शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पत्रकारों के साथ कथित व्यवहार को लेकर भी विरोध शुरू हो गया।

शाम 4 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन, रात 8 बजे तक चला

पत्रकारों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारियों के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई गई। पत्रकारों की मांग थी कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जाए और स्कूल प्रबंधन की भूमिका की भी जांच हो। मामले की जानकारी जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को भी दी गई। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को घटनाक्रम से अवगत कराया गया। इसके बाद प्रशासन की ओर से शिक्षा विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई। शाम करीब 4 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन रात करीब 8 बजे तक जारी रहा। देर शाम शिक्षा विभाग की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

शिक्षा विभाग का लिखित आश्वासन

प्रदर्शन के बाद शिक्षा विभाग की ओर से 17 सितंबर 2026 को लिखित आश्वासन पत्र जारी किया गया। पत्र पर के. एस. मेरावी, सहायक संचालक, कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, बलौदाबाजार-भाटापारा के हस्ताक्षर हैं। आश्वासन पत्र में कहा गया है कि पंडित चक्रपाणी शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बलौदाबाजार (सेजेस) की प्रभारी प्राचार्य वंदनी श्रीवास्तव को उनकी कार्य अक्षमता के कारण प्रभार से मुक्त किया जाएगा और संस्था के वरिष्ठ व्याख्याता को प्रभार सौंपा जाएगा। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि जिला शिक्षा अधिकारी अवकाश पर हैं। इसलिए 18 सितंबर 2026 को प्रभारी प्राचार्य को प्रभार से मुक्त करने का आदेश जारी किया जाएगा। यानी पत्रकारों के प्रदर्शन के बीच शिक्षा विभाग ने स्कूल की प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव का लिखित आश्वासन दिया है।

अब शिक्षक और स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर सवाल

इस पूरे घटनाक्रम में अब कई सवाल सामने हैं। पहला सवाल शिक्षक नरेश तिवारी पर लगाए गए शराब के नशे में स्कूल पहुंचने और विद्यार्थियों से दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर है। दूसरा सवाल यह है कि विद्यार्थियों की शिकायत पर स्कूल प्रबंधन ने क्या कार्रवाई की और शिकायत के बाद भी स्थिति क्यों बनी रही। तीसरा और तत्काल विवाद का कारण बना सवाल पत्रकारों के साथ कथित बदसलूकी से जुड़ा है। पत्रकारों का आरोप है कि वे विद्यार्थियों की शिकायत की कवरेज करने पहुंचे थे, लेकिन उनके साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। इन सभी बिंदुओं पर अब विभागीय स्तर पर कार्रवाई और जांच की स्थिति महत्वपूर्ण होगी।

लिखित आश्वासन के बाद बदलेगी स्कूल की व्यवस्था

शिक्षा विभाग के लिखित आश्वासन के मुताबिक 18 सितंबर को प्रभारी प्राचार्य को प्रभार से मुक्त करने का आदेश जारी किया जाना है। इसके बाद संस्था के वरिष्ठ व्याख्याता को स्कूल का प्रभार सौंपा जाएगा। हालांकि केवल प्राचार्य का प्रभार बदलने से पूरे मामले का पटाक्षेप नहीं माना जा सकता। शिक्षक पर लगे आरोप, विद्यार्थियों के साथ कथित व्यवहार, स्कूल प्रबंधन की भूमिका और पत्रकारों के साथ हुई कथित बदसलूकी को लेकर आगे क्या कार्रवाई होती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल देर शाम तक चले प्रदर्शन के बाद शिक्षा विभाग के लिखित आश्वासन से तत्काल विवाद शांत हुआ है। अब निगाहें 18 सितंबर को होने वाली विभागीय कार्रवाई और इसके बाद शिक्षक तथा स्कूल प्रबंधन को लेकर लिए जाने वाले निर्णय पर टिकी हैं।

शराबी शिक्षक ने लांघी मर्यादा, NSUI ने सिखाया कायदा

बलौदाबाजार शासकीय चक्रपाणि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बलौदा बाजार में विगत दिनों शराब के नशे में धुत होकर अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से अमर्यादित भाषा में गाली-गलौज और दुर्व्यवहार करने वाले शिक्षक श्री नरेश तिवारी के खिलाफ NSUI (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) का उग्र विरोध और तीखा हस्तक्षेप रंग लाया है।
गौरतलब है कि उक्त शिक्षक द्वारा शराब पीकर विद्यार्थियों की गरिमा से खिलवाड़ करने और दुर्व्यवहार करने की शिकायत पूर्व में अनदेखा किए जाने के बाद, बीते कल NSUI बलौदा बाजार द्वारा प्राचार्य महोदया को कड़ा ज्ञापन सौंपा गया था। NSUI ने सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन पर त्वरित एवं कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग रखी थी। NSUI की शिकायत, दिए गए अल्टीमेटम और साक्ष्यों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने आज त्वरित कार्रवाई की है। दोषी शिक्षक का तत्काल स्वास्थ्य परीक्षण व डॉक्टरी मुलायजा (Medical Test) कराया गया है तथा मामले की निष्पक्ष व त्वरित जांच के लिए एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने तक संबंधित शिक्षक पर प्रशासनिक शिकंजा कस दिया गया है। मुख्य रुप से उपस्थित विधानसभा अध्यक्ष सुर्यकांत वर्मा डीके कालेज अध्यक्ष जय सिंह ठाकुर शहर अध्यक्ष राहुल नेगी विधानसभा सचिव सागर साहु अनेक छात्र छात्राएं उपस्थित थे

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