जंगल में मशरूम लेने गए ग्रामीणों पर टूट पड़े 3 भालू, तीन घायल; दो की हालत गंभीर

जंगल में मशरूम लेने गए ग्रामीणों पर टूट पड़े 3 भालू, तीन घायल; दो की हालत गंभीर
जंगल में मशरूम लेने गए ग्रामीणों पर टूट पड़े 3 भालू, तीन घायल; दो की हालत गंभीर
जंगल में मशरूम लेने गए ग्रामीणों पर टूट पड़े 3 भालू, तीन घायल; दो की हालत गंभीर
भालुओं ने सिर और पैर पर किया हमला, गंभीर घायलों को पिथौरा से महासमुंद जिला अस्पताल किया गया रेफर
बलौदाबाजार :  बलौदाबाजार जिले के देवपुर वन परिक्षेत्र में जंगल से मशरूम यानी फुटु लेने गए ग्रामीणों का सामना अचानक तीन भालुओं से हो गया। इससे पहले कि ग्रामीण कुछ समझ पाते, भालुओं ने उन पर हमला कर दिया। इस हमले में तीन ग्रामीण घायल हो गए। इनमें दो ग्रामीणों की हालत गंभीर बताई जा रही है। दोनों को पिथौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए महासमुंद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। वहीं एक अन्य घायल को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
घटना देवपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम धमनपुरा के जंगल में हुई। भालुओं के हमले की खबर गांव पहुंचते ही ग्रामीणों में दहशत फैल गई। वन विभाग की टीम भी मामले की जानकारी मिलने के बाद सक्रिय हुई और घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। विभाग की ओर से घायलों को तत्काल सहायता राशि भी प्रदान की गई है।

फुटु लेने जंगल गए थे ग्रामीण

मिली जानकारी के मुताबिक धमनपुरा गांव के कुछ ग्रामीण जंगल में फुटु यानी मशरूम लेने गए थे। ग्रामीण जंगल के अंदर कक्ष क्रमांक 242 के आसपास पहुंचे थे। इसी दौरान उनका सामना तीन भालुओं से हो गया। अचानक सामने आए भालुओं को देखकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने बचने की कोशिश की, लेकिन भालुओं ने हमला कर दिया। हमले में 65 वर्षीय हेमसागर बरिहा और 35 वर्षीय रुपेश गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया गया कि भालुओं ने हेमसागर और रुपेश के पैर और सिर पर हमला किया, जिससे दोनों को गंभीर चोटें आईं। वहीं भालुओं से संघर्ष के दौरान 45 वर्षीय मायाराम भी घायल हो गए।
भालुओं से हुआ आमना-सामना, चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीण
जंगल में भालुओं के हमले के बाद घायल ग्रामीणों ने मदद के लिए आवाज लगाई। घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास मौजूद ग्रामीण मौके की ओर पहुंचे। इसके बाद तीनों घायलों को निजी वाहन की मदद से तत्काल नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिथौरा ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने घायलों का प्राथमिक उपचार शुरू किया। जांच के बाद मायाराम की चोटें अपेक्षाकृत कम गंभीर पाई गईं, जिसके चलते उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वहीं हेमसागर बरिहा और रुपेश की स्थिति गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए महासमुंद जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
वन विभाग ने दी तत्काल सहायता
घटना के बाद वन विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लिया। विभाग की ओर से सभी घायल ग्रामीणों को तत्काल दो-दो हजार रुपये की आर्थिक सहायता  दी गई है। वन विभाग की टीम ने घटना वाले क्षेत्र की जानकारी भी जुटाई है और ग्रामीणों को जंगल में जाने के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।
देवपुर रेंजर ने बताया पूरा घटनाक्रम
देवपुर वन परिक्षेत्र के रेंजर संतोष पैकरा ने बताया कि कक्ष क्रमांक 242 में भालू के हमले की घटना सामने आई है। हमले में घायल सभी ग्रामीणों को निजी वाहन की सहायता से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां उनका उपचार कराया गया। रेंजर के मुताबिक, दो गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए महासमुंद जिला अस्पताल भेजा गया है, जबकि एक घायल को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
 जंगल में जाने वाले ग्रामीणों के लिए बढ़ा खतरा
बारिश के मौसम में ग्रामीण बड़ी संख्या में जंगल से फुटु, लकड़ी और दूसरी वन उपज लेने जाते हैं। इसी दौरान जंगली जानवरों से उनका सामना होने का खतरा भी बढ़ जाता है। भालू आमतौर पर जंगल में भोजन की तलाश में घूमते हैं और अचानक नजदीक पहुंचने पर हमलावर हो सकते हैं।
ऐसे में वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को जंगल में अकेले न जाने और जंगली जानवर दिखाई देने पर उनके करीब नहीं जाने की सलाह दी जाती है। देवपुर क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल है। खासकर उन इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है, जहां से होकर ग्रामीण रोजाना जंगल की ओर जाते हैं। फिलहाल वन विभाग की नजर घटना वाले क्षेत्र पर बनी हुई है। घायलों का उपचार जारी है और दो गंभीर घायलों को महासमुंद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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