छत्तीसगढ़ में 11 IAS अधिकारियों के तबादले। कुलदीप शर्मा बने बलौदाबाजार कलेक्टर, सीआर प्रसन्ना सहकारिता कमिश्नर, लीना कोसम PSC परीक्षा नियंत्रक।
रायपुर/बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ सरकार ने शुक्रवार को प्रशासनिक महकमे में बड़ा फेरबदल करते हुए 11 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। जारी आदेश के अनुसार कई अहम पदों पर नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस सूची में सबसे चर्चित नाम बलौदाबाजार के नए कलेक्टर के रूप में नियुक्त कुलदीप शर्मा का है। सरकार के इस कदम को प्रशासनिक कसावट और कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। अलग-अलग विभागों में नई तैनातियों के साथ शासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि आगामी समय में योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी पर विशेष फोकस रहेगा।
बलौदाबाजार को मिला नया कलेक्टर
आईएएस अधिकारी कुलदीप शर्मा को बलौदाबाजार-भाटापारा जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। जिले में प्रशासनिक स्तर पर यह बड़ा बदलाव माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की गति, राजस्व प्रकरणों का निपटारा और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर अब नई कार्यशैली देखने को मिल सकती है।

बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में हाल के महीनों में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। ऐसे में नए कलेक्टर के सामने विकास कार्यों को तय समय-सीमा में धरातल पर उतारना प्राथमिक चुनौती होगी।
सहकारिता विभाग में नई जिम्मेदारी
2006 बैच के आईएएस अधिकारी सी.आर. प्रसन्ना को आयुक्त, सहकारिता एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे वर्तमान में सचिव सहकारिता विभाग के साथ अन्य दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे। सहकारिता विभाग राज्य में किसानों, स्वयं सहायता समूहों और सहकारी संस्थाओं से सीधे जुड़ा हुआ है। ऐसे में इस विभाग में अनुभवशील अधिकारी की तैनाती को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन को लेकर सरकार की अपेक्षाएं स्पष्ट हैं।
लोक सेवा आयोग में परीक्षा व्यवस्था की कमान
आईएएस लीना कोसम को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में परीक्षा नियंत्रक की जिम्मेदारी दी गई है। प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर हाल के वर्षों में सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। लोक सेवा आयोग की परीक्षा प्रक्रिया राज्य के हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ी होती है। ऐसे में परीक्षा नियंत्रक की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। नई नियुक्ति से आयोग की कार्यप्रणाली में और अधिक सुदृढ़ता आने की उम्मीद जताई जा रही है।
अन्य अहम तबादले
आईएएस सौमिल रंजन चौबे को उप सचिव, कृषि विभाग की पूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था का आधार है, ऐसे में इस विभाग में निरंतरता और निगरानी जरूरी मानी जाती है।
आईएएस सुमित अग्रवाल को आयुक्त, नगर पालिक निगम दुर्ग के पद पर यथावत रखा गया है। शहरी विकास से जुड़े प्रोजेक्ट्स को देखते हुए यह पदस्थापना महत्वपूर्ण है।
आईएएस आशीष कुमार टिकरिया को प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन की जिम्मेदारी दी गई है। यह विभाग भंडारण व्यवस्था और खाद्यान्न प्रबंधन से जुड़ा है।
आईएएस ऋषभ कुमार पाराशर को उप सचिव, वित्त विभाग के पद पर यथावत रखा गया है। वित्तीय अनुशासन और बजट प्रबंधन में उनकी भूमिका अहम रहेगी।
आईएएस तरुण कुमार किरण को विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी, कलेक्टर कार्यालय कोरबा के पद पर पदस्थ किया गया है।
आईएएस संदीप कुमार अग्रवाल को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बिलासपुर के पद पर यथावत जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आईएएस बीरेन्द्र बहादुर पंचभाई को अपर कलेक्टर, नारायणपुर के पद पर अस्थायी रूप से पदस्थ किया गया है।
आईएएस तीर्थराज अग्रवाल को उप सचिव, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के साथ धर्मस्व एवं धार्मिक न्यास विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
प्रशासनिक दृष्टि से अहम फैसला
सरकार द्वारा एक साथ 11 आईएएस अधिकारियों के तबादले को प्रशासनिक दृष्टि से अहम कदम माना जा रहा है। यह बदलाव केवल पदस्थापना का मामला नहीं है, बल्कि शासन की प्राथमिकताओं का संकेत भी देता है। राज्य में आगामी महीनों में कई योजनाओं की समीक्षा और नई परियोजनाओं की शुरुआत प्रस्तावित है। ऐसे में अनुभवी अधिकारियों को रणनीतिक पदों पर तैनात कर सरकार ने क्रियान्वयन की गति बढ़ाने का संकेत दिया है।
बलौदाबाजार पर रहेगी खास नजर
बलौदाबाजार-भाटापारा जिला हाल के समय में कई कारणों से चर्चा में रहा है। विकास कार्यों की रफ्तार, राजस्व प्रकरणों का निपटारा, शहरी अधोसंरचना और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर अब नई प्रशासनिक टीम की परीक्षा होगी। नए कलेक्टर कुलदीप शर्मा के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रशासनिक समन्वय और जनअपेक्षाओं पर खरा उतरना होगी। जिले में हाल ही में स्वीकृत विकास कार्यों की निगरानी भी प्राथमिकता में रहेगी।
युवाओं और कर्मचारियों की नजर
लोक सेवा आयोग में नई नियुक्ति को लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं में चर्चा है। परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सरकार के रुख को देखते हुए आयोग में प्रशासनिक कसावट की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं सहकारिता विभाग में नई जिम्मेदारी से किसानों और सहकारी संस्थाओं को भी नई कार्यशैली का इंतजार रहेगा।
संदेश साफ: प्रदर्शन आधारित प्रशासन
इस व्यापक फेरबदल से यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार प्रदर्शन आधारित प्रशासनिक व्यवस्था पर जोर दे रही है। विभागों में जवाबदेही तय करने और योजनाओं की मॉनिटरिंग मजबूत करने की दिशा में यह कदम अहम माना जा रहा है। कुल मिलाकर, 27 फरवरी का यह प्रशासनिक आदेश आने वाले समय में शासन की कार्यशैली और विकास कार्यों की गति को प्रभावित करेगा। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नई जिम्मेदारियां संभालने वाले अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में किस तरह की कार्यशैली और परिणाम पेश करते हैं। छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक हलचल के बीच यह फेरबदल आने वाले महीनों में कई नए संकेत दे सकता है।
रिपोर्ट: चंद्रकांत वर्मा, संपादक – ChhattisgarhTalk.com
📍बलौदाबाजार से चंदु वर्मा की ग्राउंड रिपोर्ट
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