छत्तीसगढ़ टॉक की ग्राउंड रिपोर्ट के बाद अल्ट्राटेक सीमेंट ने झीपन रोड की मरम्मत शुरू की। ग्रामीणों ने जताया आभार, जन सरोकार पत्रकारिता की जीत।
बलौदाबाजार/झीपन: पत्रकारिता अगर जमीनी हो, तो असर भी जमीन पर दिखता है। छत्तीसगढ़ टॉक डॉट कॉम द्वारा कल प्रकाशित की गई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट “झीपन रोड बना मौत का फंदा” का असर आज सीधे देखने को मिला है। जिस सड़क पर कल तक गड्ढे ही गड्ढे थे, वहां अब अल्ट्राटेक सीमेंट ने मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है।
छत्तीसगढ़ टॉक डॉट कॉम की खबर ने एक बार फिर अपना असर दिखाया है। कल ही पोर्टल ने झीपन रोड की बदहाल स्थिति, गड्ढों और दुर्घटनाओं को लेकर ग्राउंड रिपोर्ट प्रकाशित की थी। रिपोर्ट में अल्ट्राटेक सीमेंट द्वारा किए गए घटिया निर्माण की तस्वीरें और ग्रामीणों की पीड़ा सामने रखी गई थी। आज खबर का तत्काल असर हुआ, और अल्ट्राटेक सीमेंट ने सड़क मरम्मत और गड्ढों को भरने का कार्य शुरू करवा दिया। यह वही सड़क है जो झीपन गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ती है, और हाल के दिनों में लगातार बारिश के कारण दलदली हो चुकी थी। स्कूली छात्रा और एक परिवार के गिरने की घटना ने लोगों को झकझोर दिया था।
छत्तीसगढ़ टॉक की रिपोर्ट के बाद हरकत में आया जिम्मेदार पक्ष
ग्रामीणों की आवाज़ और रिपोर्ट के तथ्यों ने अपना असर दिखाया। रिपोर्ट वायरल होने के कुछ घंटों के भीतर ही अल्ट्राटेक सीमेंट की ओर से गड्ढों को भरने और सड़क को समतल करने का काम शुरू कर दिया गया। कंपनी के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और मशीनों से सड़क सुधारने की कवायद शुरू की गई।
Chhattisgarh Talk की खबर: झीपन रोड बना मौत का फंदा: अल्ट्राटेक सीमेंट द्वारा निर्माण, गड्ढों से भरी सड़क पर गिर रही ज़िंदगी
ग्रामीणों ने जताया धन्यवाद, पत्रकारिता की सराहना
झीपन के ग्रामीणों ने छत्तीसगढ़ टॉक डॉट कॉम और संपादक चंद्रकांत वर्मा का आभार जताया।

संतोष वर्मा ने कहा –
“आपके लिखने से ही आज काम शुरू हुआ है भाई, दिल से धन्यवाद ????????”
वेदप्रकाश वर्मा ने कहा –
“आपका बहुत-बहुत धन्यवाद भाई। आपके सहयोग से ही सड़क में सुधार कार्य शुरू हुआ।”
मरम्मत कार्य की शुरुआत, लेकिन सवाल बाकी हैं…
भले ही अल्ट्राटेक सीमेंट ने गड्ढे भरने का कार्य शुरू कर दिया हो, लेकिन सवाल अब भी बाकी हैं —
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क्या सड़क की पूरी गुणवत्ता जाँची जाएगी?
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क्या भविष्य में ऐसी लापरवाही नहीं दोहराई जाएगी?
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क्या कंपनी या प्रशासन जवाबदेही लेगा?
क्या कहता है यह उदाहरण?
छत्तीसगढ़ टॉक ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जब पत्रकारिता जन सरोकारों से जुड़ती है, तो उसका असर दिखता है। यह न सिर्फ एक रिपोर्ट की जीत है, बल्कि ग्रामीणों की आवाज़ को सही मंच मिलने की भी मिसाल है।
छत्तीसगढ़ टॉक डॉट कॉम अपनी जिम्मेदार और जनपक्षीय पत्रकारिता के माध्यम से आगे भी आम जनता की आवाज़ को प्रमुखता से उठाता रहेगा। यह सिर्फ एक रिपोर्ट नहीं, बल्कि एक भरोसे की शुरुआत है। –“बोलती है ज़मीन, सुनता है Chhattisgarh Talk”
छत्तीसगढ़ टॉक की टीम आगे भी जमीनी मुद्दों को उजागर करती रहेगी और जनता की आवाज़ को प्राथमिकता देती रहेगी।
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