



रायपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज ने डॉ. खूबचंद स्वास्थ्य बीमा योजना से उनके नाम हटाने के खिलाफ गहरी नाराजगी जताई है। समाज का आरोप है कि सरकार ने उनके लगातार अनुरोधों और मांगों को नजरअंदाज किया, जिसके कारण अब समाज को उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। इस मुद्दे को लेकर समाज के केंद्रीय अध्यक्ष खोड़स राम कश्यप ने कड़ी चेतावनी दी है कि जब तक उनका न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
समाज के शांति प्रयासों को सरकार ने कमजोर समझा
कुर्मी समाज ने पिछले एक साल में कई बार शांति से सरकार के साथ संवाद करने की कोशिश की थी। उन्होंने कलेक्टरों, मंत्रियों, मुख्यमंत्री और राज्यपाल तक को ज्ञापन दिए थे, लेकिन इन प्रयासों को सरकार ने समाज की कमजोरी समझ लिया। खोड़स राम कश्यप ने कहा, “हमने हर स्तर पर सरकार से संवाद किया, लेकिन सरकार ने हमारे आग्रहों को नकारा। अब हमें यह समझने में देर नहीं हुई कि केवल शांतिपूर्ण तरीके से बात करने से समाधान नहीं होगा।”
विधानसभा घेराव की रणनीति तैयार
कुर्मी समाज ने प्रदेशभर में बढ़ते आक्रोश के मद्देनजर विधानसभा घेराव की योजना बनाई है। इस आंदोलन के तहत लाखों लोग रायपुर की ओर कूच करेंगे। समाज के विभिन्न गांवों से लोग एकजुट होकर राजधानी पहुंचेंगे और वहां विधानसभा का घेराव करेंगे। इसके लिए वाहनों की व्यवस्था की जा रही है, ताकि हर गांव से समाज के लोग बड़ी संख्या में इस आंदोलन में शामिल हो सकें।
सांसद, विधायक और मंत्री की चुप्पी पर नाराजगी
समाज ने इस मुद्दे पर अपने सांसदों, विधायकों और मंत्रियों की चुप्पी पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उनका कहना है कि जब उनके ही प्रतिनिधि समाज के साथ खड़े होने की बजाय मौन हैं, तो यह समाज के लिए अस्वीकार्य है। समाज का मानना है कि उनके नेताओं को इस मुद्दे पर आवाज उठानी चाहिए थी, लेकिन वे न केवल चुप हैं, बल्कि इस पूरी स्थिति में उनकी उपेक्षा की जा रही है।
सरकार को अल्टीमेटम, आंदोलन और उग्र होगा
कुर्मी समाज ने सरकार को स्पष्ट रूप से अल्टीमेटम दिया है कि अगर सरकार ने इस मामले को जल्दी हल नहीं किया, तो उनका आंदोलन और उग्र होगा। समाज ने यह भी कहा है कि विधानसभा घेराव केवल शुरुआत है और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे। इस आंदोलन का उद्देश्य न केवल उनके नाम को डॉ. खूबचंद स्वास्थ्य बीमा योजना में पुनः जोड़ने का है, बल्कि समाज के अन्य अधिकारों की भी रक्षा करना है।
बैठक में चर्चा और महापुरुषों की प्रतिमा स्थापना
समाज की केंद्रीय बैठक में इस आंदोलन के अलावा अन्य कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी चर्चा की गई। बैठक में समाज के महापुरुषों की प्रतिमाओं की स्थापना पर भी जोर दिया गया। यह निर्णय लिया गया कि समाज के महापुरुषों की प्रतिमाएं केंद्रीय कार्यालय में स्थापित की जाएंगी। इसके लिए दानदाताओं ने योगदान देने की घोषणा की है। उदाहरण के तौर पर, जगदीश वर्मा ने ₹51,000 का योगदान दिया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि केंद्रीय युवा अध्यक्ष चंद्रकांत वर्मा अपने पिता स्वर्गीय पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष चोवा राम वर्मा की स्मृति में स्वर्गीय अनंतराम बरछिहा की प्रतिमा स्थापित करेंगे।
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महिला और युवा प्रकोष्ठ की योजनाएं
बैठक में महिला और युवा प्रकोष्ठ के प्रभारियों ने आगामी सालभर के कार्यों की योजना प्रस्तुत की। इन योजनाओं का उद्देश्य समाज के युवाओं और महिलाओं को सशक्त करना और उनकी सक्रिय भागीदारी बढ़ाना है। इन योजनाओं में समाज के विकास के लिए महिला और युवा प्रकोष्ठ की अहम भूमिका निर्धारित की गई है।
कुर्मी समाज की एकजुटता का आह्वान
बैठक के अंत में, समाज के अध्यक्ष और वरिष्ठ नेताओं ने समाज की एकजुटता का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महापुरुषों की प्रतिमाएं समाज की गौरव गाथा का प्रतीक होंगी और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगी। समाज के प्रत्येक सदस्य को यह एहसास दिलाना होगा कि समाज की समृद्धि और एकता में ही उसकी शक्ति है।
कुर्मी समाज ने डॉ. खूबचंद स्वास्थ्य बीमा योजना से नाम हटाने को लेकर सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन की राह चुनी है। समाज की यह लड़ाई न केवल स्वास्थ्य बीमा योजना से जुड़ी हुई है, बल्कि समाज के अधिकारों और सम्मान की रक्षा करने के लिए भी है। विधानसभा घेराव के रूप में यह आंदोलन और तेज हो सकता है, और सरकार को यह स्पष्ट संदेश जाता है कि जब तक समाज की मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।