



बड़ा सवाल आखिर क्या है पान फूल?
क्या झोलाछाप डाक्टरों कों राजनीतीक संरक्षण प्राप्त है?
मरीजों के जान के साथ खिलवाड़ करने वाले झोलाछाप डाक्टर के आगे क्यों बौना साबित हो रहा प्रशासन?
क्या जिम्मेदारों कों कार्रवाही न करने के एवज मे कमीशन दिया जा रहा?
Quack Doctor:राघवेंद्र सिंह/रायपुर/बलौदाबाजार: न डिग्री न डर… जगह जगह झोलाछाप डॉक्टर….. छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री व बलौदाबाजार जिले के प्रभारी मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम हेतु बलौदाबाजार आगमन के दौरान मिडियाकर्मी द्वारा जिले मे झोलाछाप डाक्टरों की मनमानी व नियम कानूनों का खुला उल्लंघन करने सम्बन्धी शिकायत संज्ञान मे लाया गया था जिस पर स्वास्थ्य मंत्री द्वारा उचित व ठोस कार्रवाही करने का आश्वासन दिया गया किन्तु आज पुरे ढाई माह बीत गया और इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री का बलौदाबाजार मे लगभग 5 से 6 बार पुनः आगमन हो चूका किन्तु आजपर्यंत तक विकासखण्ड बलौदाबाजार मे झोलाछाप डाक्टरों पर किसी प्रकार की कार्रवाही देखने कों नहीं मिला। कार्रवाही न होने के पीछे का कारण झोलाछाप डाक्टरों के संगठन का जिम्मेदारों पर दबाव होना बताया जा रहा है।
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी अनुसार न डिग्री न डर…. जगह जगह झोलाछाप डॉक्टर…. क्षेत्र मे वर्ष 2008 से संगठन सक्रिय है जिनका 21 अक्टूबर दिन सोमवार कों रायपुर रोड स्थित एक नवनिर्मित बिल्डिंग मे आपातकालीन बैठक आयोजित किया गया जिसमें संगठन के पदाधिकारी द्वारा खुले रूप से दावा किया गया की खण्ड क्षेत्र बलौदाबाजार मे कोई कार्रवाही नहीं हुआ है उसका पूरा श्रेय संगठन कों जाता है और पुरे गारंटी के साथ यह भी आसवासन दिया गया की आगे भी किसी तरह की कार्रवाही अपने खण्ड क्षेत्र मे नहीं होंगी। उक्त दावा मे कितनी सच्चाई है वह तो वक़्त बताएगा परन्तु कसडोल पलारी ब्लाकों मे औपचारिकतापूर्ण कार्रवाही देखने कों मिल भी गया किन्तु बलौदाबाजार खण्ड क्षेत्र मे जीरो कार्रवाही संगठन के दावों पर मुहर लगाता दिख रहा है। नर्सिंग एक्ट का खुला उल्लंघन करने वाले झोलाछाप डाक्टरों के संगठन के आगे जिला प्रशासन की बेबसी व लाचारी स्पष्ट नजर आ रही है जों क्षेत्र मे चर्चा का विषय बना हुआ है।
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उच्च अधिकारी कों पान फुल भेट करने हेतु सभी से माँगा सहयोग
Quack Doctor: नाम उजागर न करने की शर्त पे एक कथित डॉक्टर द्वारा बताया गया की 21 अक्टूबर सोमवार कों हुई बैठक मे विभागीय कार्रवाही कों लेकर मीटिंग मे सैकड़ो की संख्या मे उपस्थित झोलाछाप डाक्टरों के बीच लम्बे समय तक चर्चा परिचर्चा किया गया। संगठन के बदौलत कार्रवाही से बचे होने पर बैठक मे तालियों के साथ हर्ष व्यक्त किया गया तथा सम्बंधित अधिकारीयों कों पान फूल चढ़ावा करने की बात पर सहमती बनी। पहले तो सभी से एक एक हजार राशि सहयोग करने पर विचार किया गया किन्तु फिर उसको केंसल क़र संगठन मे पहले से मौजूद धनराशि से ही जिम्मेदारो कों भेट करने पर सबकी सहमती बनी साथ ही सभी से अपील किया गया की यदि कार्रवाही से बचाना है तो संगठन से जुड़कर रहना होगा और जों बिना संगठन से जुड़े अपना प्रेक्टिस करेंगे उन पर संगठन के द्वारा ही विभागीय कार्रवाही कराया जायेगा।
- बड़ा सवाल आखिर क्या है पान फूल?
- क्या झोलाछाप डाक्टरों कों राजनीतीक संरक्षण प्राप्त है?
- मरीजों के जान के साथ खिलवाड़ करने वाले झोलाछाप डाक्टर के आगे क्यों बौना साबित हो रहा प्रशासन?
- क्या जिम्मेदारों कों कार्रवाही न करने के एवज मे कमीशन दिया जा रहा?
विभागीय कार्रवाही से बचने कई उपाय सुझाया गया
बैठक मे अनेक लोगों ने अपनी अपनी बातें रखी तथा विभाग के नजर से बचे रहने का उपाय सुझाया। ज्यादातर लोगों ने अपने बच्चों कों फ़ार्मसिस्ट बनाने की बात कही ताकि उसके मेडिकल की आड़ मे अपना धंधा चमकाया जा सके तो किसी ने सुझाव दिया की अपने दिखावा व प्रचार के लिए बड़े बड़े बैनर पोस्टर न लगावें तथा ड्रिप की बोतल व अन्य दवाइयों कों सामने खुले मे लटका क़र रखने से बचे। वही किसी किसी ने ज्यादा सीरियस व डिलीवरी जचकी तथा सांप बिच्छू के काटे हुए मामले का उपचार न करने पर जोर दिया।
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पत्रकार से मारपीट क़र उन्हें कानूनी उलझनों मे फ़साने का फरमान
संगठन के जिम्मेदार पदाधिकारी द्वारा सभी लोगों कों सख्त निर्देश दिया गया की यदि कोई पत्रकार आपके पास आते है और फोटो विडिओ खींचते है तो उनके मोबाइल तो तोड़ दो तथा उन्हें मारपीट क़र उनके खिलाफ नजदीक थाने मे जाकर वसूली करने व डराने धमकाने का मामला पंजीबद्ध करो। सूत्र बताते है की बैठक मे सभी लोगों कों यह अस्वासन दिया गया की संगठन कों क्षेत्र के बड़े नेताओं का संरक्षण प्राप्त है इसलिए हमें किसी पत्रकार से डरने की जरूरत नहीं है। आपके मदद व सहयोग के लिए संगठन हमेशा एक पैर मे खड़ा रहेगा। सोंचने वाली बात है की प्रशासन के नाक के नीचे ऐसी बैठके आयोजित हो रही है तथा बड़ी विडंबना है कि उनके हौसले इतने बुलंद है की लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ कों मारने व फ़साने तक की बात क़र रहे है।
खण्ड चिकित्सा क्षेत्र पलारी मे भी हुआ बैठक
उधर पलारी ब्लॉक के झोलाछाप डाक्टरों के संगठन का बैठक शुक्रवार दिनांक 25 अक्टूबर कों आहूत होने की जानकारी मिली है। जहाँ पर उनके बैठक मे कोई छूटभईया नेता बतौर मुख्य अतिथि पंहुचा हुआ था जिनके द्वारा सभी कों निश्चिन्त होकर काम करने व विभागीय कार्रवाही से बचाने एवं उच्च नेताओं का संरक्षण दिलाने की बात कही गयी तथा किसी प्रकार की कार्रवाही या समस्या होने पर तुरंत फोनकाल के माध्यम से अवगत कराने हेतु अपना संपर्क नंबर भी दिया गया। मिली जानकारी अनुसार पलारी ब्लॉक के झोलाछाप डॉक्टर भी जिम्मेदार अधिकारी कों ख़ुश करने की जतन मे लगे है तथा सभी झोलाछाप डॉक्टर से राशि कलेक्शन क़र दिवाली उपहार की व्यवस्था किया जा रहा है।
बड़ा सवाल
झोलाछाप डाक्टरों के संगठन द्वारा आयोजित मीटिंग के सभी बातों कों लिख पाना संभव नहीं है किन्तु अभी भी अनेकों ऐसी बातें पता चली है जिस पर यदि खबर प्रकाशन किया जावे तो बहुत से जिम्मेदार नप जायेंगे तथा कुछ तथ्यों पर और जानकारी जुटाकर अगले अंक मे प्रकाशन किया जायेगा। फिलहाल बड़ा सवाल यही है कि–
क्या झोलाछाप डाक्टरों कों राजनीतीक संरक्षण प्राप्त है?
मरीजों के जान के साथ खिलवाड़ करने वाले झोलाछाप डाक्टर के आगे क्यों बौना साबित हो रहा प्रशासन?
क्या जिम्मेदारों कों कार्रवाही न करने के एवज मे कमीशन दिया जा रहा?
Chhattisgarh Talk की खबर का असर, निर्वाचन कर्मियों की सूची होगी संशोधित?