470 रुपये फीस बढ़ोतरी से भड़के छात्र, डीके कॉलेज में साढ़े तीन घंटे तक हंगामा: एबीवीपी ने 13 मांगों पर खोला मोर्चा, प्रशासन को 7 दिन का अल्टीमेटम
वाटर कूलर से लेकर शौचालय तक बदहाल व्यवस्था का आरोप, नई बिल्डिंग में अग्नि सुरक्षा के इंतजाम नहीं होने का दावा; कुलपति के नाम प्राचार्य को सौंपा ज्ञापन, मांगें पूरी नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
कॉलेज में पढ़ाई करने आने वाले विद्यार्थियों से बेहतर शैक्षणिक माहौल, सुरक्षित परिसर और बुनियादी सुविधाओं की अपेक्षा की जाती है, लेकिन जब फीस में बढ़ोतरी के साथ सुविधाओं की कमी का मुद्दा सामने आए तो छात्रों का आक्रोश बढ़ना स्वाभाविक है। बलौदाबाजार के शासकीय दाऊ कल्याण सिंह कला एवं वाणिज्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय यानी डीके कॉलेज में बुधवार को ऐसा ही नजारा देखने को मिला। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय द्वारा ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म शुल्क में 470 रुपये की बढ़ोतरी और कॉलेज परिसर में बुनियादी सुविधाओं की कमी के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों ने करीब साढ़े तीन घंटे तक कॉलेज परिसर में नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। एबीवीपी ने विश्वविद्यालय और महाविद्यालय प्रशासन के सामने 13 सूत्रीय मांगें रखी हैं। इनमें परीक्षा शुल्क वृद्धि वापस लेने के साथ पेयजल, फर्नीचर, अग्नि सुरक्षा, साफ-सफाई, भवन मरम्मत, सुरक्षा गार्ड, पार्किंग, शौचालय, पंखे, स्मार्ट क्लास, वाई-फाई और जनभागीदारी मद के खर्च में पारदर्शिता जैसे मुद्दे शामिल हैं। प्रदर्शन के बाद संगठन ने कुलपति के नाम कॉलेज प्राचार्य को ज्ञापन सौंपते हुए मांगों पर कार्रवाई के लिए सात दिन का अल्टीमेटम दिया है।
1000 से बढ़कर 1470 रुपये हुआ परीक्षा फॉर्म शुल्क, 470 रुपये की बढ़ोतरी पर नाराजगी
प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय द्वारा ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म शुल्क में की गई बढ़ोतरी रहा। एबीवीपी के अनुसार परीक्षा फॉर्म का शुल्क पहले 1000 रुपये था, जिसे बढ़ाकर 1470 रुपये कर दिया गया है। यानी विद्यार्थियों को अब एक फॉर्म के लिए 470 रुपये अतिरिक्त देने पड़ रहे हैं। संगठन का कहना है कि विश्वविद्यालय को फीस बढ़ाने से पहले विद्यार्थियों की आर्थिक स्थिति और उन पर पड़ने वाले अतिरिक्त बोझ पर विचार करना चाहिए। खासकर सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए परीक्षा शुल्क में अचानक इतनी बढ़ोतरी परेशानी का कारण बन सकती है। एबीवीपी ने बढ़े हुए 470 रुपये वापस लेने और शुल्क वृद्धि पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
वाटर कूलर खराब, करंट की आशंका; छात्रों की सुरक्षा पर उठाए सवाल
एबीवीपी ने कॉलेज परिसर में पेयजल व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन का आरोप है कि परिसर में लगे वाटर कूलर खराब हैं और उनमें विद्युत करंट आने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए वाटर कूलरों की तत्काल तकनीकी जांच कराने और स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की गई है। कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में टेबल-कुर्सियों की कमी का मुद्दा भी उठाया गया। संगठन के मुताबिक पर्याप्त फर्नीचर नहीं होने से विद्यार्थियों को परेशानी होती है और कक्षाओं में पढ़ाई का माहौल प्रभावित होता है। एबीवीपी ने सभी कक्षाओं में जरूरत के मुताबिक टेबल और कुर्सियां उपलब्ध कराने की मांग की है।
नई बिल्डिंग में फायर एक्सटिंग्विशर नहीं होने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान कॉलेज की नई बिल्डिंग में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। एबीवीपी का आरोप है कि नई बिल्डिंग में अग्निशमन यंत्र और आपातकालीन निकास से जुड़े संकेतों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। संगठन ने सवाल उठाया कि किसी आपात स्थिति या आगजनी की घटना में विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी? ज्ञापन में नई बिल्डिंग का निरीक्षण कराकर आवश्यक अग्निशमन उपकरण लगाने और आपातकालीन निकास के स्पष्ट संकेत उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
बारिश में छत से पानी टपकने और परिसर में जलभराव की समस्या
एबीवीपी ने महाविद्यालय भवन की स्थिति पर भी सवाल उठाए हैं। संगठन के अनुसार हल्की बारिश में भी छत से पानी टपकने और परिसर में जलभराव की समस्या सामने आती है। इससे विद्यार्थियों को आवागमन और कक्षाओं में परेशानी होती है। संगठन ने भवन का तकनीकी निरीक्षण कराकर मरम्मत कार्य तत्काल शुरू कराने की मांग की है। इसके साथ ही कॉलेज परिसर में नियमित सफाई की व्यवस्था नहीं होने का आरोप लगाते हुए कचरे के उचित निपटान और स्वच्छ परिसर सुनिश्चित करने की मांग रखी गई है।
शौचालयों की गंदगी, पानी की कमी और खराब पंखों पर भी नाराजगी
छात्रों की दैनिक जरूरतों से जुड़े मुद्दों को भी ज्ञापन में शामिल किया गया है। एबीवीपी का कहना है कि महाविद्यालय के शौचालयों में गंदगी और दुर्गंध की समस्या है तथा पानी की पर्याप्त उपलब्धता नहीं रहती। संगठन ने नियमित सफाई और पानी की स्थायी व्यवस्था की मांग की है। इसके अलावा कक्षाओं में लंबे समय से बंद पड़े और खराब पंखों की मरम्मत कराने तथा जरूरत के अनुसार नए पंखे लगाने की मांग की गई है। विद्यार्थियों को गर्मी के मौसम में पढ़ाई के दौरान परेशानी न हो, इसके लिए कक्षाओं में पंखों की नियमित जांच और रखरखाव जरूरी बताया गया है।
स्मार्ट क्लास और वाई-फाई की मांग, जनभागीदारी राशि का हिसाब सार्वजनिक करने की बात
डिजिटल शिक्षा के दौर में एबीवीपी ने कॉलेज में स्मार्ट क्लास और बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी की मांग भी उठाई है। संगठन का कहना है कि आधुनिक शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को डिजिटल संसाधनों की सुविधा मिलनी चाहिए। इसके लिए महाविद्यालय परिसर में विश्वसनीय वाई-फाई और स्मार्ट क्लास की व्यवस्था बहाल करने की मांग की गई है।
ज्ञापन में जनभागीदारी मद के तहत प्राप्त राशि और उसके खर्च का विवरण सार्वजनिक करने की मांग भी शामिल है। एबीवीपी ने कहा है कि वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आय और व्यय का स्पष्ट ब्यौरा कॉलेज के सूचना-पटल पर प्रदर्शित किया जाना चाहिए। इसके अलावा कॉलेज परिसर में गार्डन की नियमित सफाई, हरियाली का रखरखाव और विद्यार्थियों के बैठने के लिए पर्याप्त बेंच उपलब्ध कराने की मांग की गई है। पार्किंग की अव्यवस्था को दूर करने के लिए व्यवस्थित वाहन पार्किंग स्थल विकसित करने और धूप-बारिश से बचाव के लिए शेड निर्माण की मांग भी रखी गई है। विद्यार्थियों, शिक्षकों और कॉलेज की संपत्ति की सुरक्षा के लिए पर्याप्त प्रशिक्षित सिक्योरिटी गार्ड नियुक्त करने की बात भी ज्ञापन में कही गई है।
प्रभात चेलक और एस कुमार चेलक के नेतृत्व में प्रदर्शन
एबीवीपी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार आंदोलन का नेतृत्व बलौदाबाजार नगर मंत्री प्रभात चेलक और छात्र नेता एस कुमार चेलक ने किया। प्रदर्शन में संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। करीब साढ़े तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान कॉलेज परिसर में नारेबाजी होती रही। प्रदर्शन के अंत में संगठन के प्रतिनिधियों ने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति के नाम कॉलेज प्राचार्य को 13 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से विश्वविद्यालय और महाविद्यालय प्रशासन से फीस वृद्धि पर पुनर्विचार करने तथा कॉलेज की बुनियादी समस्याओं का समाधान करने की मांग की गई।
सात दिन का अल्टीमेटम, मांगें पूरी नहीं हुईं तो चरणबद्ध आंदोलन
ज्ञापन सौंपते समय नगर मंत्री प्रभात चेलक और छात्र नेता एस कुमार चेलक ने कॉलेज प्रशासन और विश्वविद्यालय को चेतावनी दी कि उनकी मांगें केवल सुविधाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा, शिक्षा और अधिकारों से जुड़ी हुई हैं। संगठन ने प्रशासन को सात दिन का समय देते हुए कहा है कि इस अवधि में छात्र हित में ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो एबीवीपी उग्र और चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी। संगठन ने आगे होने वाले आंदोलन की जिम्मेदारी कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रशासन की बताई है।
अब प्रशासन के जवाब और कार्रवाई पर टिकी नजरें
डीके कॉलेज में उठाए गए 13 मुद्दे विद्यार्थियों की रोजमर्रा की जरूरतों और शैक्षणिक व्यवस्था से जुड़े हैं। परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी का मामला विश्वविद्यालय के स्तर पर विचार की मांग करता है, जबकि पेयजल, शौचालय, फर्नीचर, सफाई, पंखे, पार्किंग और सुरक्षा जैसी समस्याओं पर महाविद्यालय प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। अब देखना होगा कि कॉलेज प्रबंधन और विश्वविद्यालय प्रशासन एबीवीपी के ज्ञापन पर क्या रुख अपनाते हैं। सात दिन के अल्टीमेटम के बाद प्रशासन की ओर से ठोस कदम उठाए जाते हैं या विद्यार्थियों का आंदोलन आगे बढ़ता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।
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– टीम छत्तीसगढ़ टॉक न्यूज़ (Chhattisgarh Talk News)





























